बिहार: बिहार की राजनीति में नई सरकार बनने के बाद से ही हलचल तेज हो गई है। मंत्रिमंडल में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है और इसी कड़ी में राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सबसे अहम और संवेदनशील माना जाने वाला गृह विभाग सौंपा गया है। गृह मंत्रालय का कार्यभार मिलने के बाद प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों में नई ऊर्जा और बहस का दौर शुरू हो गया है।

बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन का बयान
बीजेपी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज़ हुसैन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बदलाव राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूती देगा। उन्होंने सख़्त शब्दों में कहा—
“अपराधी सावधान हो जाएं। बिहार में सम्राट चौधरी अपराधियों को सावधान करने आ गए हैं।”
उनके मुताबिक, बिहार में लंबे समय से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता की तरफ से “योगी मॉडल” जैसी सख़्त प्रशासनिक प्रणाली लागू करने की मांग उठती रही है। सम्राट चौधरी इस सोच के समर्थक पहले भी रहे हैं और कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी राय रख चुके हैं।
“योगी मॉडल” और सुशासन की चर्चा
शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि बिहार में सुशासन की नींव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी है और वही मॉडल आगे भी प्राथमिकता में रहेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा—
“योगी आदित्यनाथ ने यूपी में उत्कृष्ट सुशासन कायम किया है। उनकी सख़्त कार्रवाई और प्रशासनिक नियंत्रण की मिसाल पूरे देश में दी जाती है।”
बीजेपी नेता का मानना है कि बिहार में भी इसी तरह की सख़्त प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की जरूरत है, ताकि अपराधियों पर लगाम लग सके और जनता को सुरक्षा का भरोसा मिले।
जनता और कार्यकर्ताओं की उम्मीदें
नए गृह मंत्री के रूप में सम्राट चौधरी की भूमिका को लेकर जनता और कार्यकर्ताओं में उम्मीदें बढ़ गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि चौधरी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन और कानून-व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
- अपराध पर नकेल कसने की उम्मीद
- पुलिस तंत्र को और मजबूत करने की संभावना
- आम जनता को सुरक्षा और न्याय दिलाने की प्राथमिकता
बीजेपी नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की जोड़ी बिहार में सुशासन की नीति को अगले स्तर तक ले जाएगी।
